छत्तीसगढ़

संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त दो आरक्षक सस्पेंड, एसएसपी ने दी जांच के निर्देश

Shantanu Roy
31 Aug 2025 12:08 AM IST
संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त दो आरक्षक सस्पेंड, एसएसपी ने दी जांच के निर्देश
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छग
Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर के कबीर नगर थाना क्षेत्र में आंगनबाड़ी केंद्र के पास चल रहे कांक्रीट निर्माण कार्य के दौरान विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि जातिसूचक गाली-गलौज, मां-बहन की अश्लील गालियां और जान से मारने की धमकी तक की नौबत आ गई। शिकायत पर पुलिस ने आरोपी रमेश निषाद और उसके सहयोगी ठाकुर राम ध्रुव के खिलाफ बीएनएस की धारा 296, 351(2) एवं एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 की धारा 3(1)(द) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ता ने लगाया गंभीर आरोप
शिकायतकर्ता मनीष ध्रुव पिता लक्ष्मण ध्रुव (38 वर्ष) निवासी वीर सावरकर नगर, वार्ड क्रमांक 01, अटारी बस्ती, रायपुर ने थाना कबीर नगर में लिखित आवेदन प्रस्तुत कर अपनी पीड़ा बताई। आवेदन के अनुसार, उनके घर के पास स्थित आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 02 के सामने लंबे समय से गंदगी फैली हुई थी। इस गंदगी को साफ करने और बच्चों के खेलने के लिए झूला लगाने की योजना के तहत नगर निगम जोन क्रमांक 08 द्वारा सफाई व कांक्रीट का काम कराया जा रहा था। इसी दौरान अटारी बस्ती निवासी रमेश निषाद वहां पहुंचा और बिना कारण शिकायतकर्ता व उनके परिवार को गालियां देने लगा। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि रमेश निषाद ने मां-बहन की गालियां और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया।
महिलाओं और मजदूरों के सामने की गाली-गलौज
घटना के समय शिकायतकर्ता के परिवार की महिलाएं घर के सामने बैठी थीं। ठेकेदार के मजदूर भी मौके पर काम कर रहे थे। ऐसे में सार्वजनिक रूप से गाली-गलौज होने से सभी लोग असहज हो गए। आरोप है कि रमेश निषाद ने न केवल गाली दी, बल्कि ईंट उठाकर मारने की कोशिश भी की। वहीं, अटारी निवासी ठाकुर राम ध्रुव भी मौके पर आया और उसने भी कार्य में बाधा डाली। शिकायतकर्ता का कहना है कि दोनों ने मिलकर सरकारी काम को रोकने की कोशिश की।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
शिकायत के आधार पर कबीर नगर पुलिस ने प्रथम दृष्टया पाया कि आरोप गंभीर हैं और इसमें सार्वजनिक शांति भंग करने, मारपीट की कोशिश करने और जातिसूचक अपशब्द कहने का अपराध बनता है।
इसलिए पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ निम्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।
धारा 296 बीएनएस – गाली-गलौज और शांति भंग करना
धारा 351(2) बीएनएस – हमला करने या जान से मारने की धमकी देना
अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 की धारा 3(1)(द) – जातिसूचक अपशब्द कहना और अपमानित करना
इस घटना के बाद अटारी बस्ती और वीर सावरकर नगर इलाके में चर्चा का माहौल है। लोगों का कहना है कि विकास और सफाई से जुड़े कार्यों में रुकावट डालना गलत है। वहीं, जातिसूचक गाली-गलौज की घटना से स्थानीय लोग आहत हैं। उनका कहना है कि ऐसे मामलों में पुलिस को तुरंत सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों।
शिकायतकर्ता की अपील
मनीष ध्रुव ने अपने आवेदन में साफ लिखा है कि आरोपियों ने न केवल उन्हें गाली दी, बल्कि उनके पूरे परिवार और समाज का अपमान किया। उन्होंने पुलिस से मांग की है कि आरोपियों को गिरफ्तार कर सख्त सजा दिलाई जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस तरह की हरकत करने की हिम्मत न जुटा सके।
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